Saturday, June 11, 2011

हमदर्दि

ईनसानकी सबसे बडी समस्या ये नही है की उसके जीवनमें दुख आता है,
ईनसान ये जानता है की दुख के बगैर का जीवन सम्भवित हि नही होता,
सुख आता है तो उसके पीछे दुख भी आता रहेता है.
सही समस्या तो ये होती है की दुख आनेके बाद लोग हमदर्दि जताते रहेते है.
दुख को सहन कर लेनेकी क्षमता तो ईनसानको ईश्वरसे मील शकती है,
लेकीन ज्यादातर ईनसान हमदर्दि सहन नही कर पाता है.
क्युंकी जीतनी ज्यादा हमदर्दि मीलती है,
उतनाही वो अपने आपको कमझोर मेहसूस करने लगता है.
दुख से तो वो बहार नीकल आता है, लेकीन
ये हमदर्दि हि ईनसान को जीवन पर्यंत ज्यादा तकलीफ देती रहेती है.

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